बारिश
घर खाली है तुम बिन
खेत नम नहीं रहे
नदियों का पानी सूख रहा है
तालाब खाली हो चले हैं
मेरे घर का कुआं भी नहीं बचेगा
आँसू भी कम निकले इस बार
इससे पहले कि
मर जाए आँखों का पानी
बारिश का आना ज़रूरी है
© सुनील सोनी
समाज का सबसे बड़ा सरोकार यानी प्रेम छीजता जा रहा है. लिहाजा, मेरी कविताओं में आपको प्रेम ही केंद्रबिंदु नज़र आएगा. मेरे और दो प्रिय विषय हैं : पहला सिनेमा और समाज; और दूसरा राजनीति के मार्फत समाज और समाज के मार्फत जन.
कविता : सुनील स्वर : अर्चना वीडियो संपादन : गार्गी
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