समाज का सबसे बड़ा सरोकार यानी प्रेम छीजता जा रहा है. लिहाजा, मेरी कविताओं में आपको प्रेम ही केंद्रबिंदु नज़र आएगा. मेरे और दो प्रिय विषय हैं : पहला सिनेमा और समाज; और दूसरा राजनीति के मार्फत समाज और समाज के मार्फत जन.
इश्क़ ए दुनिया में गिरफ़्तार हूँ
बज़्म तेरी, उनकी महफ़िल
हर सू मुखातिब ए यार हूँ
चर्चे तेरे ग़ैर के वादों में भी
दीदार उनके ग़ैर की राहों में भी
मेरा क्या, मैं तेरा बेक़रार हूँ
©सुनील_सोनी
कविता : सुनील स्वर : अर्चना वीडियो संपादन : गार्गी
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