समाज का सबसे बड़ा सरोकार यानी प्रेम छीजता जा रहा है. लिहाजा, मेरी कविताओं में आपको प्रेम ही केंद्रबिंदु नज़र आएगा. मेरे और दो प्रिय विषय हैं : पहला सिनेमा और समाज; और दूसरा राजनीति के मार्फत समाज और समाज के मार्फत जन.
जो पैर ज़मीं पर नहीं पड़ते
उनका ज़मीं पर गुजारा क्योंकर हो?
जिन्होंने सपने नहीं देखे
उनका आसमां पर किनारा क्योंकर हो
जिन्होंने कभी नदी की रेत नहीं देखी
पहाड़ों का उन्हें नज़ारा क्योंकर हो
©सुनील_सोनी
कविता : सुनील स्वर : अर्चना वीडियो संपादन : गार्गी
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