सोमवार, 4 जनवरी 2021

 मेरी आँखों में देख दुनिया

धरती के सारे झरने

पूरा आसमान

सभी नदियां और समंदर

तमाम साहस और करुणा

बची-खुची उम्मीद भी

फिर बौरा उठने के

धैर्य के साथ

यहाँ है

आ छुप जा

इन फूलों जैसी

मासूमियत के साथ

©सुनील_सोनी

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दिवाली की शुभकामनाएं

कविता : सुनील  स्वर : अर्चना वीडियो संपादन : गार्गी