सोमवार, 4 जनवरी 2021

खेल (ग़ज़ल 9)

 अभी लाल है, अभी पीला होगा

चित्रों में बच्चों के नीला भी होगा


दुल्हन सजी है, दूल्हा भी सजा है

बच्चों के खेल में ये आम होगा


गुलाबी है चुनरी, लहंगा भी गुलाबी

दुल्हन का गजरा घर महका देगा


बजेगा बाजा तो नाचेंगे बाराती

मजा आएगा, क्या खूब खेल होगा


फिर होगी विदाई, तो मैं न जाने दूँगी

कहेगी बिटिया रानी, यही खेल होगा


दुल्हन ही क्यों जाए, दूल्हा आ जाए

खिलौना संसार किस्सा आम होगा

©सुनील_सोनी

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दिवाली की शुभकामनाएं

कविता : सुनील  स्वर : अर्चना वीडियो संपादन : गार्गी