सब कुछ कह देना ही नहीं है सब कुछ
सब कुछ सुन लेना ही नहीं है सब कुछ
सब कुछ में शामिल है मेरा तन्हा होना
सब कुछ में शामिल है तुम्हारा न होना
तुम्हें महसूस कर लेना भी है सब कुछ
तुम्हें न पाना या खो देने में भी जो है
फिर से तुम्हें पाने के बग़ैर का अहसास
©सुनील_सोनी